IITF 2025 में राजस्थान मंडप का स्वाद बना सबसे बड़ा आकर्षण

मारवाड़ से मेवाड़ तक—प्रदेश के हर क्षेत्रीय स्वाद ने लोगों को किया आकर्षित

नई दिल्ली: प्रगति मैदान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राजस्थान मंडप स्वाद-प्रेमियों का प्रमुख आकर्षण बन गया है, जहां पारंपरिक व्यंजनों की महक लोगों को अपनी ओर बुला रही है।

राजस्थान मंडप के निदेशक श्री हर्ष शर्मा ने बताया कि इस वर्ष राजस्थान मेले में पार्टनर स्टेट के रूप में शामिल हुआ है, जिसके चलते मंडप में प्रदेश की सभी प्रमुख सांस्कृतिक और पाक-परंपराओं को शामिल किया गया है। मंडप में मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, हाड़ोती और शेखावाटी के पारंपरिक पकवानों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

तिल पापड़ी, गजक, बीकानेरी पापड़, नमकीन-भुजिया, आचार, डिब्बाबंद मिष्ठान, कुल्फी, मुरब्बा, चूर्ण, मसाले, राजजीरा, सूखे मेवे, सूखी सब्जियां और कैर-सांगरी जैसे अनेक उत्पाद बड़ी संख्या में आगंतुक खरीद रहे हैं।

श्रीगंगानगर, नागौर, जयपुर और किशनगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कारीगर अपने फूड स्टॉल्स पर पारंपरिक व्यंजन तैयार कर रहे हैं। दाल-बाटी-चूरमा, बेसन के गट्टे, प्याज और मूंग दाल की कचौरियां, मिर्ची बड़ा, कैर-सांगरी की सब्जी और लहसुन की चटनी से सजी पारंपरिक राजस्थानी थाली की मेले में खूब मांग बनी हुई है।

तीखे और मसालेदार स्वाद के साथ ही शर्बत, विभिन्न चटनियां, पैक्ड फूड, रेवड़ियाँ, चिक्की, हींग, पापड़ और जीरा सोडा समेत कई पेय पदार्थ आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदेश की प्रसिद्ध हींग और उससे बने उत्पादों के साथ नींबू चटनी और अथाना मिर्च भी लोगों द्वारा खूब खरीदे जा रहे हैं।

राजस्थान के विभिन्न स्टॉलों पर खाद्य उत्पादों की मजबूत बिक्री यह साबित करती है कि प्रदेश की स्वाद-परंपरा आज भी उतनी ही प्रभावशाली और लोकप्रिय है। देशभर से आए आगंतुकों द्वारा इन पारंपरिक रेसिपीज़ और उत्पादों की मिली व्यापक सराहना दर्शाती है कि राजस्थान न सिर्फ अपने इतिहास और संस्कृति से, बल्कि अपने अनूठे स्वाद और गुणवत्ता से भी देश को जोड़ने की क्षमता रखता है।

 

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