भारत और उज्बेकिस्तान के बीच इतिहास और विरासत के गहरे संबंध हैं : लोक सभा अध्यक्ष

Story by: Lubna Asif

भारत और उज्बेकिस्तान डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं: लोक सभा अध्यक्ष

 

संविधान भारत के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सूत्रधार रहा है: लोक सभा अध्यक्ष

 

भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वजन हिताय’ के सार्वभौमिक मूल्यों में विश्वास करता है: लोक सभा अध्यक्ष

 

लोक सभा अध्यक्ष ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ वार्ता की

 

लोक सभा अध्यक्ष और भारतीय शिष्टमंडल के सदस्यों ने ताशकंद में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

 

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ताशकंद कैंप कार्यालय; 07 अप्रैल, 2025: लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं और दोनों देश एससीओ, संयुक्त राष्ट्र और ब्रिक्स जैसे विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर एक दूसरे के सहयोगी रहे हैं । उन्होंने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।

 

श्री बिरला ने आज अंतर-संसदीय संघ की 150वीं सभा के अवसर पर ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, महामहिम श्री शवकत मिर्जीयोयेव के साथ हुई बैठक में ये टिप्पणियां कीं।

 

भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि संविधान के मार्गदर्शन में भारत ने निरंतर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों का विस्तार किया है और सामाजिक समावेशन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ग्राम परिषदों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया है।

 

श्री बिरला ने यह भी कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम” (विश्व एक परिवार है) और “सर्वजन हिताय” (सभी का कल्याण) के मूल्यों में विश्वास करता है और ये मूल्य भारतीय परंपरा का अटूट हिस्सा रहे हैं । भारत का संविधान भी इन्हीं मूल्यों से प्रेरित है। इस बात का उल्लेख करते हुए कि पिछले वर्ष भारत में संविधान के 75 वर्ष पूरे हुए हैं, श्री बिरला ने कहा कि भारत की संसद द्वारा पारित कई परिवर्तनकारी क़ानूनों ने सामाजिक-आर्थिक बदलावों को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । इस संबंध में, श्री बिरला ने बताया कि नए संसद भवन में पहले कानून के रूप में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” लाकर भारत ने न केवल अपनी प्रतिबद्धता दोहराई बल्कि विधानमंडलों में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया।

 

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का उन्नयन कर इसे रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने और बीते कुछ वर्षों में इसमें नए आयाम जोड़े जाने के बारे में बात करते हुए श्री बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों में अर्थव्यवस्था, रक्षा, शिक्षा तथा व्यापार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत अब उज्बेकिस्तान के 10 सबसे बड़े व्यापार सहयोगियों में से एक है। श्री बिरला ने साझा हितों पर विचारों के आदान-प्रदान तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों संसदों के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने के महत्व पर भी बात की। उन्होंने दोनों देशों के संसदीय अधिकारियों को एक-दूसरे की प्रणालियों तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए संसदीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा।

 

इसके अलावा, श्री बिरला ने उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति, विशेष रूप से संगीत, नृत्य तथा योग में बढ़ती रुचि तथा उज्बेक शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या की बात भी की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक से भारत तथा उज्बेकिस्तान के बीच राजनयिक तथा संसदीय संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा और दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग का नया अध्याय लिखा जाएगा ।

 

आज , श्री बिरला और भारतीय शिष्टमंडल के सदस्यों ने ताशकंद में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

 

लोक सभा अध्यक्ष ने भारत और इजराइल की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया

 

कल ताशकंद में, लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इजराइल की नेसेट (संसद) के स्पीकर, महामहिम श्री अमीर ओहाना के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस अवसर पर, श्री बिरला ने अप्रैल 2023 में नई दिल्ली में अपनी पिछली बैठक की सुखद स्मृतियों का उल्लेख करते हुए इजराइल के विकास में श्री ओहाना के असाधारण योगदान की सराहना की । उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आकांक्षाओं पर आधारित भारत और इजराइल की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों ने नेताओं की उच्च स्तरीय बैठकों तथा प्रौद्योगिकी, कृषि और रक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से अपने संबंधों को मजबूत किया है। उन्होंने भारत और इजराइल के संसदीय मैत्री समूह की स्थापना की सराहना की और इसे संसदीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

भारत की संसद के संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि इस संस्थान के विश्वस्तरीय कार्यक्रमों से पूरी दुनिया के सांसद और अधिकारी लाभान्वित हुए हैं । श्री बिरला ने इजराइल को PRIDE द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इजराइल में भारतीय प्रवासियों के सहयोग से दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार संबंधों, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बारे में भी बात की । श्री बिरला ने श्री ओहाना और इजराइल के सभी लोगों को पासओवर उत्सव के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे और परस्पर सहयोग निरंतर बढ़ता रहेगा ।

 

 

लोक सभा अध्यक्ष ने अंतर संसदीय संघ की 150वीं सभा की सफल मेजबानी के लिए उज्बेकिस्तान को बधाई दी

 

लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने अंतर संसदीय संघ की 150वीं सभा के अवसर पर ताशकंद में उज्बेकिस्तान की ओली मजलिस की चेयरपर्सन महामहिम सुश्री तंजिला नोरबायेवा से भी मुलाकात की। उन्होंने चेयरपर्सन को सभा की सफल मेजबानी के लिए बधाई देते हुए भारतीय संसदीय शिष्टमंडल के आदर-सत्कार के लिए आभार व्यक्त किया । विभिन्न क्षेत्रों में उज्बेकिस्तान द्वारा की जा रही प्रगति का उल्लेख करते हुए, श्री बिरला ने भारत और उज्बेकिस्तान के मजबूत हो रहे राजनयिक संबंधों के बारे में बात की । श्री बिरला ने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं तथा एससीओ, यूएन और ब्रिक्स जैसे विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों एक दूसरे के साथ सहयोग करते आए हैं । श्री बिरला ने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया।

 

श्री बिरला ने विशेष रूप से उज़्बेकिस्तान की संसद में महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए लोकतंत्र और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में उज्बेकिस्तान की उपलब्धियों की सराहना की । उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने से सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सकता है। श्री बिरला ने भारत की फिनटेक और रियल टाइम पेमेंट सिस्टम्स का उपयोग करते हुए पर्यटन के क्षेत्र में आपसी संबंधों को मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति की बढ़ती लोकप्रियता और विशेषकर शैक्षिक आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच सुदृढ़ हो रहे संबंधों के बारे में भी बात की ।

 

लोक सभा अध्यक्ष ने भारत और कजाकिस्तान की संसदों के बीच नियमित संवाद और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का आह्वान किया।

 

रविवार को 150वीं आईपीयू सभा के दौरान लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कजाकिस्तान की मजलिस के चेयरपर्सन, महामहिम श्री येरलान कोशानोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। श्री बिरला ने कजाकिस्तान के संविधान की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि भारत ने भी पिछले वर्ष अपने संविधान को अंगीकार किए जाने के 75 वर्ष पूरे किए हैं और दोनों देशों की लोकतांत्रिक यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले 75 वर्षों में भारत कल्याणकारी राज्य के निर्माण के उद्देश्य से संवैधानिक मूल्यों के मार्गदर्शन में प्रगति कर रहा है।

श्री बिरला ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत और कजाकिस्तान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं, जो बीते वर्षों में और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच फिल्म, संगीत, योग और शिक्षा में आदान-प्रदान बढ़ा है, जिससे दोनों देशों के युवाओं को लाभ हुआ है। श्री बिरला ने प्रस्ताव किया कि भारत और कजाकिस्तान की संसदें सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और सहयोग बढ़ाने के लिए नियमित संवाद करें। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष रूप से रक्षा, सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक सहयोग की सराहना की । श्री बिरला ने शैक्षिक आदान-प्रदान से लाभान्वित हो रहे दोनों देशों के छात्रों और प्रोफेशनल्स की बढ़ती संख्या के बारे में भी बात की । बैठक के अंत में, श्री बिरला ने आशा व्यक्त की कि परस्पर चर्चाओं से भारत-कजाकिस्तान संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा ।

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