एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपा, स्वास्थ्य सुविधा, पेंशन, यात्रा रियायत और सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई
पत्रकारों की बुनियादी सुविधाएँ और सुरक्षा को लेकर एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। ज्ञापन में पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा, यात्रा रियायत और विज्ञापन की माँगें शामिल।
भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारों को चौथे स्तंभ की संज्ञा दी जाती है, लेकिन अक्सर उन्हें अपनी बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के अभाव में कार्य करना पड़ता है। इन्हीं मुद्दों को लेकर एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (AJA) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शंकर चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में कहा कि पत्रकार प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक संकटों और सामाजिक तनाव जैसी हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य, पेंशन और परिवहन जैसी सुविधाओं से वंचित रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए पत्रकारों को आवश्यक सुविधाएँ और सम्मान दिलाना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में कई प्रमुख माँगें दर्ज की गई हैं—
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पत्रकारों के लिए रेलवे कंसेशन की बहाली।
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पत्रकारों और उनके परिवारों को सरकारी व निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज।
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छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को नियमित सरकारी विज्ञापन।
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60 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों को ₹15,000 से ₹20,000 मासिक पेंशन।
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राष्ट्रीय मीडिया अकादमी की स्थापना।
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महानगरों में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मेट्रो में निःशुल्क यात्रा सुविधा।
विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि पत्रकार समाज और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं और उनके बिना लोकतंत्र अधूरा है। उन्होंने चिंता जताई कि इतने महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के बावजूद पत्रकार न्यूनतम सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यदि सरकार इन माँगों को मान लेती है तो इससे न केवल पत्रकारों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि लोकतंत्र की नींव भी और अधिक सुदृढ़ होगी।



