भारत पर्व 2026 का समापन समारोह सम्पन्न, उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में बिहार की मखाना झांकी बनी स्टार आकर्षण

पर्यटन मंत्रालय के आयोजन में भारत की सांस्कृतिक विविधता और सॉफ्ट पावर का प्रभावशाली प्रदर्शन

नई दिल्ली:

गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत पर्व 2026 का भव्य समापन 31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में लाल किले के सामने हुआ, जहां माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष 26 से 31 जनवरी तक आयोजित भारत पर्व, भारत की सांस्कृतिक, रचनात्मक और बहुरंगी विरासत का जीवंत मंच है। भारत पर्व 2026 में गणतंत्र दिवस की भव्य झांकियां, सशस्त्र बलों के बैंड की मनमोहक प्रस्तुतियां, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देश की एकता और विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।

इस वर्ष भारत पर्व को जनता से जबरदस्त प्यार मिला है। प्रतिदिन आगंतुकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक जनउत्सव का रूप दे दिया। दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुले इस आयोजन में अखिल भारतीय फूड कोर्ट, हस्तशिल्प एवं हथकरघा बाजार, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के पवेलियन, स्टूडियो किचन सत्र, नुक्कड़ नाटक और DIY कार्यशालाओं ने विशेष आकर्षण पैदा किया।

भारत पर्व 2026 में बिहार पर्यटन के स्टॉल ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। बिहार के स्टॉल में राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। बोधगया, नालंदा, राजगीर और वैशाली जैसे विश्वविख्यात पर्यटन स्थलों के साथ-साथ मधुबनी, मंजूषा और टिकुली जैसी लोककलाओं ने देश-विदेश से आए पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। बच्चों को वीआर टेक्नोलाॅजी से बिहार पर्यटन स्थलों की सैर करना खासा पसंद आया।

बिहार सरकार की मखाना झांकी इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र रही। “बिहार का सुपरफूड” कहे जाने वाले मखाना की खेती, उसके पोषण मूल्य, रोजगार सृजन और वैश्विक बाजार में इसकी बढ़ती मांग को झांकी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। मिथिला क्षेत्र से जुड़े मखाना उत्पादन की परंपरा, किसानों की मेहनत और बिहार की आर्थिक प्रगति में इसके योगदान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत कर आगंतुकों ने खूब सराहा।

समापन समारोह के अवसर पर उपराष्ट्रपति ने भारत पर्व जैसे आयोजनों को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रखने वाला मंच बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश की विविधता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों के पवेलियनों और विशेष रूप से पर्यटन स्टॉलों की सराहना करते हुए कहा कि ये भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम हैं।

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