पूर्वी भारत को देश के प्रमुख राष्ट्रीय केंद्रों से जोड़ेगी नई सेवाएं
कोलकाता, 16 जनवरी 2026:
भारतीय रेलवे ने किफायती लंबी दूरी की यात्रा को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नौ नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की घोषणा की है। ये आधुनिक, नॉन-एसी ट्रेनें मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और असम से संचालित होंगी और पूर्वी भारत को देश के प्रमुख धार्मिक, आर्थिक और शैक्षणिक केंद्रों से जोड़ेंगी।
इन ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरामदायक सीटें, बायो-टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और बेहतर स्वच्छता जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। काम, शिक्षा, तीर्थयात्रा और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए ये सेवाएं सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती सफर सुनिश्चित करेंगी।
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की इस घोषणा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। दिसंबर 2023 में शुरू हुई अमृत भारत एक्सप्रेस श्रृंखला के अंतर्गत अब कुल ट्रेनों की संख्या 30 से अधिक हो जाएगी। इन नौ नई सेवाओं के जुड़ने से पूर्वी, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। ये ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से होकर गुजरेंगी।
प्रमुख नई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं
कोलकाता (सियालदह) – बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस
यह ट्रेन पूर्वी भारत को पवित्र नगरी वाराणसी से जोड़ेगी। सियालदह से प्रतिदिन शाम 7:30 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7:20 बजे बनारस पहुंचेगी, जबकि वापसी में बनारस से रात 10:10 बजे चलकर सुबह 9:55 बजे सियालदह पहुंचेगी। यह सेवा पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी, जिससे काशी विश्वनाथ मंदिर, सारनाथ, बैद्यनाथ धाम और तख्त श्री पटना साहिब जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कोलकाता (हावड़ा) – आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
यह सेवा पूर्वी भारत को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ेगी। ट्रेन हर गुरुवार रात 11:10 बजे हावड़ा से चलकर शनिवार सुबह 2:50 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में शनिवार सुबह 5:15 बजे आनंद विहार से रवाना होकर रविवार सुबह 10:50 बजे हावड़ा पहुंचेगी। यह मार्ग पर्यटन, व्यापार और श्रमिकों की आवाजाही को आसान बनाएगा।
डिब्रूगढ़ – लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस
उत्तर-पूर्व भारत को उत्तर भारत से जोड़ने वाली यह साप्ताहिक सेवा शुक्रवार रात 9:00 बजे डिब्रूगढ़ से चलकर रविवार दोपहर 1:30 बजे गोमती नगर पहुंचेगी। वापसी में रविवार शाम 6:40 बजे गोमती नगर से चलकर मंगलवार दोपहर 12:40 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। यह सेवा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, कामाख्या मंदिर, अयोध्या और लखनऊ जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए ‘पूर्वोदय’ विजन को मजबूती देगी।
अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह साप्ताहिक ट्रेन उत्तर बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। गुरुवार सुबह 4:45 बजे अलीपुरद्वार से चलकर शनिवार शाम 5:30 बजे पनवेल पहुंचेगी। वापसी में सोमवार दोपहर 11:50 बजे पनवेल से रवाना होकर बुधवार दोपहर 1:50 बजे अलीपुरद्वार पहुंचेगी। इससे पर्यटन, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
गुवाहाटी (कामाख्या) – रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
यह साप्ताहिक सेवा असम के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र कामाख्या को हरियाणा के रोहतक से जोड़ेगी। ट्रेन शुक्रवार रात 10:00 बजे चलकर रविवार दोपहर 2:45 बजे रोहतक पहुंचेगी, जबकि वापसी में रविवार रात 10:10 बजे रोहतक से चलकर मंगलवार दोपहर 12:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी।
न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
यह सेवा हिमालयी तराई क्षेत्र को देश के दक्षिणी छोर से जोड़ेगी। बुधवार शाम 4:45 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर शुक्रवार रात 11:00 बजे नागरकोइल पहुंचेगी। वापसी में रविवार रात 11:00 बजे नागरकोइल से चलकर बुधवार सुबह 5:00 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय रेलवे के अनुसार, ये नौ नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शीघ्र ही परिचालन में लाई जाएंगी। यह पहल संतुलित क्षेत्रीय विकास, आम नागरिकों की बेहतर गतिशीलता और देशभर में आर्थिक व सांस्कृतिक संपर्क को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





