डीएमई मीडिया स्कूल ने आयोजित किया मीडिया कनेक्ट एचआर कॉन्क्लेव 2025

 

नोएडा, 29 मार्च 2025 –

डीएमई मीडिया स्कूल ने अपने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से मीडिया कनेक्ट एचआर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का विषय था “एआई युग में भर्ती परिदृश्य”, जिसमें मीडिया और एचआर क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है, भविष्य में किन कौशलों की जरूरत होगी और कैसे तकनीक और मानवीय क्षमताओं के बीच संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

कॉन्क्लेव की शुरुआत मीडिया कनेक्ट की सह-संयोजक, सुश्री गरिमा जैन द्वारा गणमान्य अतिथियों और पैनलिस्टों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद, डीएमई मीडिया स्कूल की एचओडी, डॉ. पारुल मेहरा ने अपने उद्घाटन भाषण में मीडिया उद्योग में एचआर की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भले ही एआई भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना रहा है, लेकिन नैतिक मूल्यों, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।

चर्चा के दौरान, पीटीआई की वरिष्ठ एचआर मैनेजर, श्वेता सिंह ने एक दिलचस्प आंकड़ा साझा किया कि 64% कंपनियां भर्ती के लिए एआई का उपयोग कर रही हैं, जबकि 24% कंपनियां मानती हैं कि एआई नौकरियों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता में एआई से तैयार की गई स्क्रिप्ट पूरी तरह विश्वसनीय नहीं होती, इसलिए मौलिक रिपोर्टिंग और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता बनी रहेगी।

डायनामाइट न्यूज़ के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ, मनोज तिवारीवाल आकाश ने छात्रों को सलाह दी कि वे किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करें, लेकिन साथ ही अन्य संबंधित क्षेत्रों की भी जानकारी रखें। उन्होंने कहा कि “एआई एक बेहतरीन सहायक उपकरण हो सकता है, लेकिन मानवीय कौशल और व्यावहारिक बुद्धिमत्ता की कोई तुलना नहीं है।”

फीवर एफएम की वरिष्ठ एचआर मैनेजर, अदिति मल्होत्रा ने बताया कि मीडिया अब सिर्फ रेडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि पॉडकास्ट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों तक विस्तार कर चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मीडिया प्रोफेशनल्स को मल्टी-स्किल्ड होना पड़ेगा, ताकि वे कंटेंट क्रिएशन, एडिटिंग और पैकेजिंग जैसे विभिन्न कार्यों में दक्ष बन सकें।

पीआर गुरु के प्रबंध निदेशक, श्मनोज कुमार शर्मा ने रचनात्मकता और मौलिकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत लेखन कौशल, एसईओ रणनीतियों और ओरिजिनल कंटेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आगाह किया कि “एआई एक सहायक हो सकता है, लेकिन उस पर अत्यधिक निर्भरता रचनात्मकता को बाधित कर सकती है।”

कार्यक्रम के अंत में, एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जहां छात्रों ने अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उन्हें तकनीकी कौशल विकसित करने, प्रभावी संचार कौशल अपनाने और मजबूत पेशेवर नेटवर्क बनाने की सलाह दी।

कॉन्क्लेव के समापन पर गरिमा जैन ने छात्रों को अनुशासन, समय प्रबंधन और सतत सीखने की आदतों को अपनाने की प्रेरणा दी। इसके बाद, प्लेसमेंट सेल के संयोजक, श्री विशाल सहाय ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और सभी पैनलिस्टों व प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की।

 

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