जल संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य: विज्ञान भवन में राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार

राजस्थान के नवाचारपूर्ण जल संरक्षण अभियानों ने देशभर में पेश किया उदाहरण

नई दिल्ली:  राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025 कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान को जल प्रबंधन, संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।

राष्ट्रपति के हाथों राजस्थान को मिले इस पुरस्कार पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बधाई देते हुए कहा कि यह राजस्थान के लिए गौरव का क्षण है। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश रावत ने भी गर्व व्यक्त करते हुए जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद श्री भुवन भास्कर ने कहा कि राजस्थान में जल संचय और संरक्षण के क्षेत्र में किए गए नवाचार, वर्षाजल संचयन संरचनाएं, भू-जल पुनर्भरण प्रयास तथा जन सहयोग आधारित मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रशंसा प्राप्त हुई।

उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार राजस्थान की जनता और प्रशासन के मिल-जुलकर किए गए समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जल संचयन और जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत छोटे-बड़े जल संरचना निर्माण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं, जिनमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी रही है।

श्री भास्कर ने बताया कि ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ जैसी अभिनव पहल के माध्यम से जहां राज्य के बाहर बसे प्रवासी व्यापारी वर्ग ने भी अपने मातृस्थान के जल संचयन के कार्यों में योगदान दिया, वहीं स्थानीय प्रशासन की निगरानी और निरंतर प्रयासों ने इस सफलता को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान राजस्थान के जल संरक्षण मॉडल को देश के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में पेश करता है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि जल संकट से निपटने में प्रदेश और देश को सहायता मिल सके।

राज्य के भीलवाड़ा और बाड़मेर जिलो सहित सात अन्य जिले को ‘जल संचयन और जन भागीदारी’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राजस्थान के भीलवाड़ा और बाड़मेर जिलो को जल संचयन और जन भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

राष्ट्रपति ने बाड़मेर की जिला कलेक्टर श्रीमती टीना डाबी और भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधु को पुरस्कार स्वरूप 2 करोड़ रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। इसके उपरांत केद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर.पाटिल ने राज्य के अन्य सात जिलों जयपुर और उदयपुर को 1 करोड़ रूपये तथा अलवर, डूंगरपुर, बारां, चित्तौड़गढ़ और सीकर जिलो से आए प्रतिनिधियों को 25 लाख रूपये के पुरस्कार से सम्मानित किया।

श्री पाटिल ने जयपुर जिला परिषद के सीईओ श्रीमती प्रतिभा वर्मा और उदयपुर जिला परिषद की सीईओ सुश्री रिया डाबी को एक-एक करोड़ रूपये तथा अलवर कलेक्टर श्रीमती अर्तिका शुक्ला, बारां के एसई वाॅटर शेड श्री मनोज पुरबगोलिया और जिला परिषद के सहायक सीईओ श्री हरीश चंद मीना, डूंगरपुर कलेक्टर श्री अंकित कुमार सिंह, चित्तौड़गढ़ कलेक्टर श्री आलोक रंजन और सीकर एसई वाॅटरशेड श्री रमेश मीना को 25-25 लाख रूपये के पुरस्कार प्रदान किये।

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