बुद्ध की शिक्षाओं में है सामाजिक बदलाव की ताकत: RPI (आठवले) हरियाणा अध्यक्ष का संदेश

हरियाणा, 12 मई 2025 :

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) अधिवक्ता रवि (सोनू) कुंडली ने प्रदेशवासियों व देशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं। गौतम बुद्ध के विचारों को सामाजिक समरसता और न्याय की दिशा में आज भी प्रासंगिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि बुद्ध के संदेश – शांति, करुणा और अहिंसा, आज के समाज में बराबरी और सम्मान की आवश्यकता को समझने के लिए बहुत जरूरी हैं, खासकर उन वर्गों के लिए जो लंबे समय से भेदभाव और अन्याय का सामना कर रहे हैं।

अधिवक्ता कुंडली ने गौतम बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताते हुए कहा कि बाबा साहब ने 1956 में बौद्ध धर्म को अपनाकर सामाजिक असमानता के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम उठाया था, जो आज भी दलित समाज के आत्मसम्मान और मुक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

“डॉ. अंबेडकर का धर्मांतरण केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का मजबूत संदेश था, जो दर्शाता है कि अन्याय और भेदभाव के खिलाफ शांतिपूर्ण विकल्प मौजूद हैं,”।

उन्होंने यह भी कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) हरियाणा में दलित समाज के अधिकारों के लिए लगातार कार्य कर रही है और पार्टी का उद्देश्य सामाजिक बदलाव और समानता की दिशा में आगे बढ़ना है।

रवि कुंडली ने कहा कि आज जब समाज में विभाजन और वैमनस्य की स्थितियाँ उभर रही हैं, तब बुद्ध के विचारों को अपनाकर संवाद और आपसी सम्मान की भावना को बढ़ाना ज़रूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गौतम बुद्ध और अंबेडकर के विचारों को पढ़ें, समझें और अपने जीवन में अपनाएं, साथ ही उन्होंने युवाओं से यह अपील की कि वे सामाजिक न्याय, समानता और अहिंसा के मूल्यों को मजबूत करें और इन सिद्धांतों के साथ समाज में बदलाव की भूमिका निभाएं।

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