प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच भारत की पहली पूरी तरह वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह पहल देश में लंबी दूरी की रेल यात्रा को तेज, सुरक्षित, आरामदायक और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने उद्घाटन सेवा को स्वयं मालदा से रवाना किया, जबकि गुवाहाटी (कामाख्या) से हावड़ा की वापसी सेवा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई गई। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्लीपर ट्रेन किफायती किराए पर यात्रियों को एयरलाइन जैसा अनुभव प्रदान करेगी। इससे हावड़ा–गुवाहाटी मार्ग पर यात्रा समय लगभग 2.5 घंटे कम होने की उम्मीद है।
यह ट्रेन कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, साथ ही छात्रों, व्यापारियों, पेशेवरों, प्रवासी श्रमिकों और आम यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराएगी।
ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद, प्रधानमंत्री ने दोपहर लगभग 1:45 बजे मालदा में एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने राष्ट्र को समर्पित करते हुए और शिलान्यास कर ₹3,250 करोड़ से अधिक की रेल एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करना, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देना है।
मालदा कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां
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चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास, जिनमें
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बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
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न्यू जलपाईगुड़ी में अत्याधुनिक फ्रेट मेंटेनेंस सुविधाएं
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सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
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जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस केंद्र का आधुनिकीकरण शामिल है।
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न्यू कूचबिहार–बामनहाट और न्यू कूचबिहार–बक्सीहाट रेल खंडों का विद्युतीकरण राष्ट्र को समर्पित, जिससे तेज, स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल रेल संचालन संभव होगा।
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चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का वर्चुअल फ्लैग-ऑफ:
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न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल
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न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली
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अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु
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अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल)
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दो एलएचबी कोच ट्रेनों — राधिकापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस और बालुरघाट–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस — का शुभारंभ, जिससे क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख आईटी एवं रोजगार केंद्रों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
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उत्तरी बंगाल में सड़क कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धूपगुड़ी–फलाकाटा खंड के पुनर्वास और फोर-लेनिंग का शिलान्यास।
18 जनवरी को सिंगुर में विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री 18 जनवरी को हुगली जिले के सिंगुर का दौरा करेंगे, जहां वे ₹830 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और फ्लैग-ऑफ करेंगे।
इनमें प्रमुख हैं:
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बालागढ़ में एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम, जिसमें इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट टर्मिनल, रोड ओवर ब्रिज और 2.7 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला कार्गो हैंडलिंग टर्मिनल शामिल है।
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हुगली नदी पर पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कैटामरन का शुभारंभ।
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जयरामबाती–बारोगोपीनाथपुर–मयनापुर नई रेल लाइन (तारकेश्वर–बिष्णुपुर परियोजना का हिस्सा) का उद्घाटन और इस मार्ग पर नई ट्रेन सेवा की शुरुआत।
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तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का फ्लैग-ऑफ:
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कोलकाता (हावड़ा)–आनंद विहार टर्मिनल
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कोलकाता (सियालदाह)–बनारस
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कोलकाता (संतरागाछी)–तंब्रम
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ये सभी पहलें सरकार के आधुनिक अवसंरचना विकास, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, भीड़ में कमी, प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार सृजन के विज़न को दर्शाती हैं, जिससे स्थानीय समुदायों, एमएसएमई और कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत और इन विकास परियोजनाओं को पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी के लिए एक “गेम-चेंजर” माना जा रहा है, जिससे पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।





