मानव तस्करी की कोशिश नाकाम: रक्सौल रेलवे स्टेशन से चार नेपाली नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, एक तस्कर गिरफ्तार

आरपीएफ, जीआरपी, एसएसबी और एनजीओ के संयुक्त अभियान से बड़ी कामयाबी

रक्सौल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक त्वरित और समन्वित कार्रवाई में मानव तस्करी की साजिश को नाकाम कर दिया। इस अभियान में आरपीएफ के साथ राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रेलवे चाइल्डलाइन और एनजीओ ‘प्रयास किशोर सहायता केंद्र’ ने मिलकर हिस्सा लिया। ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान में 13 से 17 वर्ष की चार नेपाली नाबालिग लड़कियों को रक्सौल-आनंद विहार सत्याग्रह एक्सप्रेस (15273) से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

झूठे वादों से फंसाया गया था, परिवारों को नहीं थी जानकारी

संयुक्त टीम ने विशेष सूचना के आधार पर एक तस्कर को मौके से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़कियों को नौकरी दिलाने और गोरखपुर में एक कथित लापता रिश्तेदार की तलाश में मदद के बहाने बहलाया-फुसलाया गया था। यह भी सामने आया कि उनके परिवारों को उनकी यात्रा की कोई जानकारी नहीं थी, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की आम रणनीति मानी जाती है।

rescued बच्चियों को बाल कल्याण अधिकारियों को सौंपा गया, केस दर्ज

बचाई गई सभी लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में जीआरपी रक्सौल में भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम, और बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरपीएफ महानिदेशक ने की जागरूकता की अपील

आरपीएफ के महानिदेशक मनोज यादव ने इस अभियान को बाल सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया और आम यात्रियों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे हेल्पलाइन 139 पर तुरंत दें। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई तस्करी के खिलाफ हमारी सतत और मजबूत लड़ाई का हिस्सा है।”

ऑपरेशन ‘आहट’ से देशभर में सैकड़ों बच्चों की जान बची

आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन ‘आहट’ अब तक पूरे देश में बड़ी सफलता दिला चुका है। वर्ष 2024-25 में इस अभियान के तहत 929 पीड़ितों को तस्करी से बचाया गया, जिनमें 874 बच्चे शामिल हैं (50 लड़कियां और 824 किशोर)। साथ ही, 274 तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है।

रेलवे नेटवर्क पर बने हैं एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट

मानव तस्करी के प्रयासों पर कड़ी नजर रखने के लिए भारतीय रेलवे ने पूरे नेटवर्क में मानव तस्करी निरोधी इकाइयों की स्थापना की है। वर्ष 2024 में आरपीएफ ने राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ एक औपचारिक साझेदारी भी की है, जिससे एजेंसियों के बीच समन्वय और पीड़ितों की मदद के प्रयासों में वृद्धि हुई है।

बच्चों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है आरपीएफ

रेलवे परिसरों को सुरक्षित और तस्करी-मुक्त रखने के लिए आरपीएफ लगातार निगरानी, रणनीतिक सहयोग और समुदाय में जागरूकता फैलाकर अपनी भूमिका निभा रहा है। इससे कमजोर बच्चों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

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