MERI का 20वाँ राष्ट्रीय आईटी सेमिनार: साइबर सुरक्षा में AI का नया युग

MERI दिल्ली, आज के डिजिटल दौर में साइबर हमलों में तेजी देखी जा रही है, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नई सुरक्षा संभावनाओं के साथ सामने आ रहा है। मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI) ने इसी सन्दर्भ में 20वें राष्ट्रीय आईटी सेमिनार APRENDEMOS-2025 का आयोजन किया, जहाँ लगभग 250 छात्रों, आईटी विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।

सेमिनार की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद MERI के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल ने उद्घाटन संबोधन देते हुए बताया कि कैसे एआई साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्य वक्ताओं में से एक, साइरॉइट टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक श्री आलोक विजयंती ने बढ़ते साइबर खतरों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे एआई की मदद से इन खतरों का मुकाबला किया जा सकता है। डेटा साइंस के क्षेत्र में विशेषज्ञ श्री जितेंद्र सिंह ने एन्क्रिप्शन, एक्सेस कंट्रोल और एआई-आधारित खतरे की पहचान जैसी तकनीकों के महत्व पर जोर दिया।

MERI College
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तकनीकी सत्रों में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ श्री सुरेश कुमार सेठी ने फ़िशिंग, रैनसमवेयर और सॉफ्टवेयर पायरेसी जैसी आम चुनौतियों पर चर्चा की, साथ ही यह भी बताया कि साइबर बीमा कैसे नुकसान को कम कर सकता है।

लाइव डेमो के दौरान, हैकिंग क्लब के निदेशक और एज़ोवी इंफोटेक सर्विसेज के सीईओ श्री सूर्य प्रताप सिंह ने साइबर अपराधों के तरीकों, जैसे फ़िशिंग और सोशल मीडिया हैक्स के जरिए निजी जानकारी चोरी करने के मामलों को उजागर किया और बचाव के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा किए।

पैनल चर्चा में डॉ. राकेश खुराना के संचालन में, क्लाउड विशेषज्ञ श्री सौगत प्रमाणिक, साइबर सुरक्षा अधिकारी एसआई मनोज कुमार और सहायक प्रोफेसर डॉ. शेरीन ज़फर ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया। डॉ. ज़फर ने बताया कि एआई साइबर सुरक्षा अनुसंधान में किस प्रकार सहायक हो सकता है, वहीं एसआई मनोज कुमार ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता पर बल दिया।

इंटर-कॉलेज आईटी क्विज में छात्रों ने अपनी तकनीकी समझ का प्रदर्शन किया और ज्ञान में वृद्धि की। कार्यक्रम के समापन पर, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

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