
नई दिल्ली,
वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज नया आधार ऐप राष्ट्र को समर्पित किया, जो पहचान सत्यापन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जिसमें लोगों को केंद्र में रखा गया है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा विकसित यह आधार ऐप एक अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन है, जो आधार संख्या धारकों (ANH) को उनकी डिजिटल पहचान को सुरक्षित, सुविधाजनक और गोपनीयता-प्रथम तरीके से रखने, साझा करने, दिखाने और सत्यापित करने की सुविधा प्रदान करता है।
नए ऐप का अनावरण करने के बाद, श्री प्रसाद ने UIDAI को सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि आधार सरकार के लिए डिजिटल शासन का एक शोपीस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि UIDAI सेवा वितरण को परेशानी मुक्त और निर्बाध बना रहा है, और नया ऐप इस प्रक्रिया को और तेज करेगा।
भारत के पैमाने पर, एक डिजिटल पहचान प्रणाली केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है; यह जनता के विश्वास, अच्छे शासन और नागरिकों के सशक्तिकरण का विषय है। नया आधार ऐप इन सिद्धांतों को अपनाता है, जिसमें नियंत्रण, सहमति और सुविधा को निवासियों के हाथों में मजबूती से रखा गया है।
अपने संबोधन में, MeitY के सचिव श्री एस. कृष्णन ने कहा कि नया ऐप डेटा न्यूनीकरण को बढ़ावा देगा, सुरक्षा को मजबूत करेगा और आधार संख्या धारकों द्वारा जानकारी के चुनिंदा साझाकरण को प्रोत्साहित करेगा।
उपयोगकर्ताओं के पूरे स्पेक्ट्रम के लिए आसान उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया यह ऐप कई वास्तविक जीवन के उपयोग मामलों का समर्थन करता है। इनमें होटल चेक-इन के लिए ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के QR कोड स्कैनिंग शामिल है। यह वैकल्पिक फेस वेरिफिकेशन की अनुमति देता है, सिनेमा टिकट बुकिंग के लिए आयु सत्यापन, अस्पताल में आगंतुकों और परिचारकों के लिए प्रवेश, गिग वर्कर्स और सेवा भागीदारों का सत्यापन आदि कई उपयोग मामलों में।
ऐप में उन्नत कार्यक्षमताएं भी शामिल हैं जैसे उपस्थिति प्रमाण के लिए फेस वेरिफिकेशन, एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, प्रमाणीकरण इतिहास देखना, और संपर्क विवरण आसानी से साझा करने के लिए QR-आधारित संपर्क कार्ड।
यह एक ही डिवाइस पर अधिकतम पांच आधार प्रोफाइल प्रबंधित करने की अनुमति देता है, जिससे “वन फैमिली – वन ऐप” की अवधारणा साकार होती है। पता अपडेट के अलावा, निवासी अब ऐप के माध्यम से अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं, और भविष्य में अधिक अपडेट सेवाएं जोड़ी जाएंगी।
UIDAI के अध्यक्ष श्री नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि कागज से पेपरलेस की यात्रा एक महान कदम है और UIDAI लोगों को अपने कार्य और नवाचार के केंद्र में रखता रहेगा।
UIDAI के CEO श्री भुवनेश कुमार ने कहा कि ऐप की प्रमुख विशेषता चुनिंदा क्रेडेंशियल साझाकरण है। निवासी अनुरोध करने वाली संस्थाओं द्वारा उत्पन्न अनुकूलित QR कोड के माध्यम से केवल आवश्यक पहचान क्षेत्र साझा कर सकते हैं।
इससे सत्यापनकर्ताओं द्वारा आधार नंबर संग्रहीत नहीं होते और केवल डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित सत्यापन योग्य क्रेडेंशियल साझा होते हैं, जो डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के अनुरूप डेटा न्यूनीकरण को बढ़ावा देता है।
नए आधार ऐप के लॉन्च के साथ, भारत एक बार फिर अपनी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मूल सिद्धांत को दोहराता है: प्रौद्योगिकी हमेशा निवासी-केंद्रित, समावेशी और विश्वास पर आधारित होनी चाहिए।





