तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पांच नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, दो नई एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने लगभग **₹5,650 करोड़** की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जो रेलवे, ऊर्जा, ग्रामीण सड़कें और औद्योगिक विकास से जुड़ी हैं।
नई रेल सेवाओं का विवरण
- पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: कोयंबटूर (पोदानूर) से झारखंड के धनबाद तक। यह ट्रेन दक्षिण भारत के औद्योगिक केंद्रों को पूर्वी भारत के कोयला-खनिज क्षेत्र से जोड़ेगी, जिससे माल ढुलाई और यात्री सुविधा में बड़ा सुधार होगा।
- नागरकोइल-शार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस: कन्याकुमारी और केरल-तमिलनाडु तटीय क्षेत्र को तेलंगाना से जोड़ेगी।
- रामेश्वरम-मंगलुरु एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मंगलुरु एक्सप्रेस: तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तीर्थयात्रियों व तटीय यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
- एक नई पैसेंजर ट्रेन सेवा, साथ ही केरल के एर्णाकुलम से शुरू होने वाली एक अतिरिक्त यात्री ट्रेन।
ये सेवाएं दक्षिण भारत, डेक्कन क्षेत्र और पूर्वी भारत के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाएंगी, जिससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं जैसे वाई-फाई, एस्केलेटर और फूड कोर्ट उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों की संख्या में 20-30% की वृद्धि की उम्मीद है।
प्रमुख विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने ₹5,650 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें शामिल हैं:
- रेलवे क्षेत्र: नई लाइनें, 500+ किमी विद्युतीकरण, तिरुचिरापल्ली जंक्शन सहित स्टेशनों का पुनर्विकास।
- तीन अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन और शोरनूर-निलांबुर लाइन का विद्युतीकरण।
- ऊर्जा एवं पेट्रोलियम: ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, LPG वितरण नेटवर्क विस्तार।
- ग्रामीण विकास: 1,000+ किमी ग्रामीण सड़कें और पुल (PM ग्राम सड़क योजना)।
- औद्योगिक योजनाएं: कोयंबटूर औद्योगिक क्लस्टर विस्तार ।
ये परियोजनाएं तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को कवर करती हैं, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारतीय रेल देश की प्रगति की जीवनरेखा है। पिछले 10 वर्षों में हमने 40,000 किमी से अधिक रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया, 1,000+ स्टेशनों का पुनर्विकास शुरू किया और वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें शुरू कीं। आज की ये नई सेवाएं और परियोजनाएं दक्षिण भारत को राष्ट्र की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ेंगी।”
ये पहल ‘अमृत भारत स्टेशन स्कीम’ और ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ का हिस्सा हैं, जिनका लक्ष्य 2030 तक रेल नेटवर्क को दोगुना करना है।

