उपराष्ट्रपति धनखड़ का बड़ा सवाल: क्या न्यायपालिका से ऊपर है कोई? नकदी कांड में FIR न होने पर जताई नाराज़गी

जज के घर नकदी मिलने पर उपराष्ट्रपति ने खड़े किए गंभीर सवाल; कहा – न्यायपालिका की छवि धूमिल, FIR में देरी लोकतंत्र पर संकट

6 जून 2025, नई दिल्ली

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को एक बार फिर न्यायपालिका में व्याप्त गंभीर संकट की ओर देश का ध्यान खींचा। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के सदस्यों से बातचीत में उन्होंने दिल्ली में एक कार्यरत न्यायाधीश के निवास पर नकदी बरामदगी की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों अब तक कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई, जबकि यह लोकतंत्र और कानून के शासन की नींव को हिला देने वाला अपराध है।

धनखड़ ने स्पष्ट कहा कि सरकार आज लाचार है, क्योंकि एक तीन दशक पुराना न्यायिक आदेश FIR के रास्ते में बाधा बना हुआ है। “जब तक सर्वोच्च न्यायपालिका की अनुमति न मिले, कोई FIR दर्ज नहीं की जा सकती। सवाल है – वह अनुमति क्यों नहीं दी गई?” उपराष्ट्रपति ने पूछा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अपराध स्पष्ट है, तो उसे दंड क्यों नहीं मिला?

उपराष्ट्रपति ने न्यायाधीशों की समिति की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि कोई भी समिति संवैधानिक प्रक्रिया या FIR का विकल्प नहीं हो सकती। “अगर जज को हटाने की प्रक्रिया संसद से होती है, तो क्या ऐसी समिति उस प्रक्रिया को रोक सकती है?” उन्होंने कहा कि इस मामले में हम तीन महीने गंवा चुके हैं, और अभी तक जांच की भी शुरुआत नहीं हुई है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नकदी की बरामदगी केवल एक साधारण घटना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। “अगर यह पैसा न्यायिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए था, तो जनता न्याय के लिए कहाँ जाएगी?” उन्होंने यह भी पूछा कि क्या न्यायिक कार्य में पैसे का प्रभाव पड़ा है, और क्या कोई इसे छिपाने की कोशिश कर रहा है।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन किया, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, कश्मीर कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक कदम

धनखड़ ने बार एसोसिएशनों की सक्रियता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि वे इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास तभी लौटेगा जब निष्पक्ष, वैज्ञानिक और गहन जांच की जाएगी। “सोचना कि मामला ठंडा पड़ जाएगा या मीडिया का ध्यान हट जाएगा – यह भ्रम होगा,” उन्होंने चेतावनी दी।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा दस्तावेज़ सार्वजनिक करना प्रशंसनीय है और इससे यह स्पष्ट हुआ कि नकदी की बरामदगी केवल अफवाह नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुष्ट तथ्य है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र की नींव तभी मजबूत रह सकती है जब ऐसे अपराधों पर समय रहते सख्त कार्रवाई हो।

अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के नागरिकों को यह अधिकार है कि वे निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा करें। “मैं किसी को दोषी नहीं ठहरा रहा, लेकिन जांच तो होनी ही चाहिए,” उन्होंने कहा। उन्होंने आशंका जताई कि अगर पर्दा हटेगा, तो और भी नाम सामने आ सकते हैं। “यदि पैसे का प्रभाव न्यायिक कार्य पर पड़ा है, तो वह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक होगा,” उन्होंने कहा।

यह भी पढ़ें : शेख हसीना मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों में घिरीं, इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल में हो सकती है फांसी तक की सजा

Related Posts

त्रिशूर में आयोजित राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर के छात्रों की भागीदारी

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रैंक होल्डर छात्रों और श्रेष्ठ चैप्टर्स को किया गया सम्मानित त्रिशूर: त्रिशूर में हुए राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर से आए छात्रों ने उत्साह…

Continue reading
राष्ट्र सेवा में योगदान के लिए जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’ से किया गया सम्मानित

36 वर्षों से सक्रिय जनकल्याण मोर्चा ने राष्ट्र सेवा और नेतृत्व के लिए किया सम्मानित शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

nv casino -Analyse: Spiele, Boni, Auszahlungen – alles aufdecken!

unnamed 7

Базовые принципы цифровой системы идентификации

Quickwin Auszahlung: Schnell, sicher und Schritt‑für‑Schritt erklärt

Amunra Casino login : ce qu’il faut savoir

Amunra Casino avis : guide complet de l’inscription et de la vérification de compte 2024