जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने ‘राष्ट्र प्रथम के समर्थन में एक अभियान’ के उपलक्ष्य में तिरंगा मार्च निकाला

 

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति, प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने युवाओं से प्रतिबद्धता और अटूट देशभक्ति के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पित होने का आह्वान करते हुए आज विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्र प्रथम के समर्थन में एक अभियान’ के उपलक्ष्य में भव्य तिरंगा मार्च को हरी झंडी दिखाई, जो उच्च शिक्षा संस्थानों, शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है। यह मार्च भारतीय सशस्त्र बलों, भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया बिरादरी के अटूट समर्थन का प्रतीक है।

 

प्रो. मजहर आसिफ और प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने मार्च का नेतृत्व किया जो जामिया मिल्लिया इस्लामिया के भव्य शताब्दी द्वार से शुरू हुआ और विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) लॉन में समाप्त हुआ।

 

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए, जिसके अंतर्गत हमारे सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. आसिफ ने कहा, ” जामिया मिल्लिया इस्लामिया भारतीय सशस्त्र बलों को उनकी असाधारण हिम्मत और हमारी सीमाओं की रक्षा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के दृढ़ संकल्प के लिए सलाम करता है। आज तिरंगा मार्च हमारे बहादुर सैनिकों के सम्मान में और ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद से भारत सरकार द्वारा प्रदर्शित लचीलेपन और दृढ़ता के प्रति सलाम करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि हम यहां राष्ट्र को हर चीज से ऊपर रखने की शपथ लेने के लिए एकत्र हुए हैं।”

 

इस अवसर पर अपना वक्तव्य देते हुए प्रो मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर न केवल हमारे सशस्त्र बलों के साहस और दृढ़ विश्वास का उदाहरण है अपितु यह देश के प्रति हर भारतीय के अटूट समर्थन एवं प्रेम का भी उत्कृष्ट प्रदर्शन है। जिस प्रकार से पूरा देश सरकार और हमारे सुरक्षा बलों का समर्थन करने के लिए एकजुट हुआ, वह उल्लेखनीय है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने वाले पहले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है और पहलगाम में जान गंवाने वालों की याद में 26 वृक्ष लगाकर जामिया ने उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। आज का मार्च ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और लोकाचार को बनाए रखने के लिए हमारे बिना शर्त समर्थन की पुष्टि है, क्योंकि हम यहां राष्ट्र की सेवा और उद्देश्य के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने के लिए एकत्र हुए हैं।”

 

जामिया के डीन, विभागाध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक, अधिकारी, संकाय सदस्य, माली, सफाई कर्मी और प्रशासनिक कर्मचारियों सहित जामिया के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विंग ने ‘राष्ट्र प्रथम’ अभियान के लिए जामिया के मजबूत समर्थन के रूप में तिरंगा मार्च में बड़ी संख्या में प्रतिभागिता की ।

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