नए साल की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा (कोलकाता) से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अत्याधुनिक ट्रेन का उद्घाटन करेंगे, जिसकी संभावित तारीख जनवरी के दूसरे पखवाड़े में, 18 या 19 जनवरी बताई जा रही है।
यह वंदे भारत श्रृंखला की पहली ट्रेन होगी, जिसमें स्लीपर कोच की सुविधा उपलब्ध होगी। लंबे समय से रात में लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा की मांग कर रहे यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक बड़ी राहत साबित होगी।
हावड़ा–गुवाहाटी रूट से इन जिलों को मिलेगा लाभ
यह सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व को बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
असम:
कामरूप मेट्रोपॉलिटन, बोंगाईगांव
पश्चिम बंगाल:
कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्वी बर्धमान, हुगली, हावड़ा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
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कुल कोच: 16
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11 थ्री-टियर एसी
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4 टू-टियर एसी
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1 फर्स्ट एसी
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कुल यात्री क्षमता: 823
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डिजाइन स्पीड: अधिकतम 180 किमी प्रति घंटा
आराम और सुविधाएं:
ट्रेन में एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली आरामदायक बर्थ्स, बेहतर कुशनिंग, कम शोर और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है। ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टिब्यूल्स कोचों के बीच आसान आवागमन सुनिश्चित करेंगे।
सुरक्षा और तकनीक:
सभी कोचों में एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे, कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक सुविधा और अत्याधुनिक ड्राइवर कैब लगाए जाएंगे। स्वच्छता के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
खानपान:
यात्रियों को यात्रा के दौरान विशेष बंगाली और असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे।
किराया (भोजन सहित, गुवाहाटी से हावड़ा तक)
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थ्री-टियर एसी: ₹2300
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टू-टियर एसी: ₹3000
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फर्स्ट एसी: ₹3600
प्रति किलोमीटर किराया क्रमशः ₹2.40 से ₹3.80 के बीच रहेगा।
यात्रा समय में कमी और वन्यजीव संरक्षण
यह ट्रेन मौजूदा ट्रेनों की तुलना में यात्रा समय को लगभग तीन घंटे कम करेगी। साथ ही, उत्तर-पूर्व के संवेदनशील वन क्षेत्रों में हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था की जा रही है।
रेल ट्रैक के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा रही है, जो 200–300 मीटर की दूरी से हाथियों की गतिविधि का पता लगाकर कंट्रोल रूम और लोको पायलट को अलर्ट करेगी, जिससे समय रहते ट्रेन की गति कम की जा सके।
उत्पादन और विस्तार योजना
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन के बाद अगले छह महीनों में कुल आठ ट्रेनें तैयार की जाएंगी, जबकि वर्ष के अंत तक 12 ट्रेनें सेवा में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल की दिशा में एक और अहम कदम है, जो लंबी दूरी की रेल यात्रा को तेज, सुरक्षित, आरामदायक और अधिक किफायती बनाएगी।

