आतंक का अंतिम अध्याय शुरू: मोदी ने खोल दी सेना की मुट्ठी

सशस्त्र बलों को मिली खुली छूट, ऑपरेशन सिंदूर बना राष्ट्र की न्याय-यात्रा की नई शुरुआत

12 मई 2025, नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार देशवासियों से सीधे संवाद किया। उनका यह संबोधन साहस, संकल्प और न्याय का प्रतीक बन गया।

प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि भारत की सेना को आतंकवाद का जड़ से सफाया करने की खुली छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा, “हमने आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया है और इसके लिए हमारी सेनाओं को पूरी आज़ादी दे दी गई है।”

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मोदी ने वीर सैनिकों के शौर्य को भारत की हर मां, बहन और बेटी को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “हमारी सेनाओं ने जो पराक्रम दिखाया है, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।”

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22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हमला केवल निर्दोष नागरिकों पर नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक ताने-बाने और मानवता पर कायराना हमला था। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “धर्म के आधार पर पहचान कर मासूम लोगों की हत्या करना, परिवारों के सामने इस क्रूरता को अंजाम देना — यह आतंकवाद का सबसे घिनौना चेहरा है। यह मेरे लिए भी व्यक्तिगत रूप से बेहद पीड़ादायक रहा।”

पीएम मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत अब चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, “अब हर आतंकी और उसके सरपरस्तों को साफ संदेश मिल गया है — भारत का सिंदूर मिटाने की कोशिश की तो उसका अंजाम घातक होगा।”

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को एक सुर में आतंक के खिलाफ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया और देश की एकजुटता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

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