EPS-95 पेंशनर्स आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन, सांसद कल संसद में देंगे धरना*

EPS-95 नेताओं ने दी चेतावनी: माँगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर में शुरू होगा अनशन और जेल भरो आंदोलन

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2025:

EPS-95 पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह, महंगाई भत्ता और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा जैसी प्रमुख मांगों को लेकर चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन को आज राजनीतिक स्तर पर बड़ा समर्थन मिला। जंतर मंतर पर धरने के दूसरे दिन देशभर से जुटे हजारों पेंशनरों के बीच विभिन्न दलों के 26 सांसदों ने हिस्सा लिया और समर्थन जताया।

धरने में कई प्रमुख सांसदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें राज्यसभा सांसद एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मेधा कुलकर्णी, पिंपरी चिंचवड़ से श्रीरंग अप्पा बारणे, सीकर से अमरा राम, बाराबंकी से तनुज पुनिया, कोल्हापुर से छत्रपति शाहू महाराज, जालना से कल्याण काळे, धाराशिव से ओम राजे निंबाळकर, ठाणे से नरेश म्हस्के, चंद्रपुर से प्रतिभा ताई धानोरकर, धुले से शोभा ताई बच्छाव, हिंगोली से बंडू भाऊ जाधव, छत्रपति संभाजी नगर से सांदीपन भूमरे, लातूर से शिवाजी राव काळगे, नाशिक से राजा भाऊ वाझे, दिंडोरी से भगरे गुरुजी, गडचिरोली से नामदेवराव किरसन, भंडारा से प्रशांत पडोळे, नांदेड से रविंद्र चव्हाण और शामराव बर्गे तथा गुजरात की बनासकांठा लोकसभा सांसद जेनिबेन ठाकोर शामिल रहे।

धरनास्थल पर मौजूद डॉ. मेधा कुलकर्णी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं सभी आंदोलनकारियों को यह भरोसा दिलाती हूँ कि सरकार आपके साथ है और आपकी विरोधी नहीं है। मैंने इस मुद्दे को लेकर संबंधित मंत्री से बातचीत की है और मुझे पूरा विश्वास है कि इसका समाधान जल्द ही निकलेगा।”

EPS-95

पेंशन आंदोलन की पृष्ठभूमि और पेंशनरों की समस्याओं की गंभीरता को विस्तार से सुनने के बाद सभी सांसदों ने घोषणा की है कि वे कल संसद भवन परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर धरना देंगे और EPS-95 पेंशनर्स की मांगों को उठाएंगे। उनका कहना था कि अब समय आ गया है जब सरकार पर दबाव बनाया जाए ताकि वह पेंशन बढ़ोतरी पर शीघ्र निर्णय लेने को मजबूर हो।

जंतर मंतर पर पेंशनर्स को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत, राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत, और राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक रमाकांत नरगुंड ने कहा कि यदि सरकार ने 78 लाख पेंशनधारकों के हित में जल्द फैसला नहीं लिया तो देशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन, अनशन, रास्ता रोको और जेल भरो जैसे आक्रामक आंदोलन शुरू किए जाएंगे।

धरने में महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान, मणिपुर, असम सहित विभिन्न राज्यों के पेंशनर संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और पेंशन बढ़ोतरी न होने पर गहरा रोष प्रकट किया।

Related Posts

त्रिशूर में आयोजित राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर के छात्रों की भागीदारी

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रैंक होल्डर छात्रों और श्रेष्ठ चैप्टर्स को किया गया सम्मानित त्रिशूर: त्रिशूर में हुए राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर से आए छात्रों ने उत्साह…

Continue reading
राष्ट्र सेवा में योगदान के लिए जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’ से किया गया सम्मानित

36 वर्षों से सक्रिय जनकल्याण मोर्चा ने राष्ट्र सेवा और नेतृत्व के लिए किया सम्मानित शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Hogyan válassz a Magyar Online Casino különböző játékai közül?

  • By admlnlx
  • August 7, 2026
  • 19 views

Magyar Online Casino bónuszok 2026-ban: hogyan szerezhetsz többet játék közben

  • By admlnlx
  • August 7, 2026
  • 18 views

Magyar Online Casino: kriptovalutás bónuszok, amikkel többet nyerhetsz

  • By admlnlx
  • August 7, 2026
  • 24 views

Navigating online pokies NZ: Top bonuses and fast payouts for savvy players

  • By admlnlx
  • August 6, 2026
  • 23 views

Secure your bankroll: Essential payment methods for Online Pokies NZ players

  • By admlnlx
  • August 6, 2026
  • 21 views

Explore the 2026 welcome bonuses at Fair Go Casino Australia for online pokies and

  • By admlnlx
  • August 6, 2026
  • 21 views