पहलगाम हमले पर रॉबर्ट वाड्रा के कथित बयान को लेकर HRDS इंडिया ने दिल्ली में दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली: HRDS इंडिया ने कांग्रेस नेता और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दिल्ली के लोदी कॉलोनी थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। HRDS इंडिया के सचिव श्री अजी कृष्णन द्वारा दायर की गई इस शिकायत में आरोप है कि वाड्रा ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले को कथित तौर पर जायज़ ठहराने वाला बयान दिया है, जो राष्ट्रविरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

यह निर्मम आतंकी हमला, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई, पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाला था। जहां एक ओर वैश्विक स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की गई, वहीं शिकायत में कहा गया है कि रॉबर्ट वाड्रा ने यह संकेत दिया कि यह हमला भारत में मुस्लिम समुदाय की कथित असुरक्षा की भावना के चलते हुआ। शिकायत के अनुसार, वाड्रा ने कहा कि “यह हमला प्रधानमंत्री के लिए एक संदेश था”, जिससे यह प्रतीत होता है कि उन्होंने आतंकवाद को देश की आंतरिक परिस्थितियों की प्रतिक्रिया के रूप में दर्शाया।

HRDS इंडिया ने इस कथन को अत्यंत भड़काऊ और खतरनाक बताया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वाड्रा के बयान आम नागरिकों की हत्या को जायज़ ठहराते हैं और आतंकियों को देश की नीतियों के प्रति प्रतिक्रिया देने वाला दर्शाते हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा:

“यह सरकार सिर्फ हिंदुत्व की बात करती है। यह मस्जिदों का सर्वे कराती है और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करती है। हमलावरों ने लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया। इसकी वजह है कि इस देश में हिंदू और मुस्लिमों के बीच फासला बढ़ा है। धर्म के आधार पर लोगों की हत्या करना प्रधानमंत्री को दिया गया संदेश है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मुसलमान इस देश में असुरक्षित महसूस करते हैं। अल्पसंख्यक खुद को कमजोर मानते हैं।”

HRDS इंडिया का मानना है कि इस प्रकार की टिप्पणियाँ न सिर्फ आतंकवाद को परोक्ष समर्थन देती हैं, बल्कि समाज में भय और सांप्रदायिक तनाव को भी जन्म देती हैं। वाड्रा ने कथित रूप से यह भी कहा कि भारत अब धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र नहीं रहा और यहां धार्मिक राजनीति हावी हो गई है। उन्होंने मस्जिदों में नमाज़ पर रोक, लाउडस्पीकर पर पाबंदी और दिल्ली की जामा मस्जिद के आस-पास जुटने पर कार्रवाई जैसे उदाहरण भी गिनाए।

HRDS इंडिया ने इस कथानक की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांति व्यवस्था को अस्थिर करने वाला, हिंसा को बढ़ावा देने वाला और समाज को बाँटने वाला प्रयास बताया है। संस्था का कहना है कि जब देश एक भयानक हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है, ऐसे में इस तरह के बयान देश के दुश्मनों को बल देने वाले हैं।

संस्था ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत रॉबर्ट वाड्रा पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि आतंकवाद को जायज़ ठहराने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर कृत्यों पर अंकुश लगाया जा सके।

HRDS इंडिया ने राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और सभी जिम्मेदार नागरिकों और सार्वजनिक व्यक्तित्वों से अपील की है कि वे देश की शांति, न्याय और अखंडता के हित में कार्य करें।

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