लाल किले की प्राचीर पर जीवंत हुआ सम्राट विक्रमादित्य का युग

तीन दिवसीय विक्रमोत्सव 2025 ने आगंतुकों के स्मृति पटल पर छोड़ी अमिट छाप
प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा, कहा– सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय

15 अप्रैल 2025, भोपाल/ नई दिल्ली

नई दिल्ली में लाल किला स्थित माधवदास पार्क में आयोजित किए गए तीन दिवसीय विक्रमोत्सव का सोमवार शाम रंगारंग समापन हुआ। इस अयोजन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा युगपुरुष सम्राट विक्रमादित्य का शासनकाल जनकल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। वह भारत की न्यायप्रिय और लोक कल्याणकारी नेतृत्व परंपरा के प्रतीक थे। उन्होंने साहित्य, कला और विज्ञान को जिस रूप में प्रोत्साहित किया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है। उनके काल की ‘विक्रम संवत’ परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की पहचान है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य और प्रदर्शनी का महत्व एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है। मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास का मंत्र दिया है। वास्तव में वर्तमान काल अद्भुत है। देश की राजधानी में लाल किले की प्राचीर पर ऐतिहासिक महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन उस युग को जीवंत करने का प्रयास है। यह विश्व में भारत द्वारा सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने की दिशा में कारगर रहेगा। सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासक थे। उन्होंने अपने नवरत्नों के जरिए भारत की संस्कृति को उच्चतम स्तर पर ले जाने का प्रयास किया। वीर विक्रमादित्य के शासनकाल का मंचन एक नई धारा है, एक नया सोपान है, जिसका आगाज मध्यप्रदेश सरकार ने किया है। गौरतलब है कि विक्रमोत्सव 2025 का शुभारंभ भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने किया था। कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और हजारों नागरिक इस तीन दिवसीय गौरव गाथा के साक्षी बने।

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इस उत्सव में पवेलियन स्थापित किया, जो आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण रहा। इस पवेलियन में मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों जैसे खजुराहो, सांची, ग्वालियर, ओरछा और मांडू आदि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। इंटरेक्टिव डिस्प्ले, डिजिटल प्रेजेंटेशन और गाइडेड टूर के माध्यम से पर्यटकों को मध्य प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया।

प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्‍ला ने कहा, “विक्रमोत्सव 2025 के माध्यम से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक अनूठा प्रयास रहा। इस उत्सव न केवल हमारी कला और परंपराओं को प्रदर्शित किया, बल्कि पर्यटन और निवेश के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित किया। हमें आशा है कि पर्यटक अपने पसंदीदा स्थानों की सूची में मध्य प्रदेश को सम्मिलित करेंगे। यहां की धरोहरों और विरासतों की जीवंतता का अनुभव करेंगे और स्थानीय व्यंजनों को हमेशा याद रखेंगे।”

स्वाद और संस्कृति का अनूठा मेल
आगंतुकों को मध्य प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा का अनुभव कराने के लिए एक विशेष फूड कोर्ट भी आयोजित किया गया। इस फूड कोर्ट में नागरिकों ने इंदौर के प्रसिद्ध पोहा–जलेबी और मक्के के कीस, मालवा की कचौरी, डिंडौरी के उड़ल दाल व कोदो भात और कुटकी के गुड वाली खीर–जलेबी, बघेलखंडी निमोना और पुड़ी, बेड़ई पुड़ी और हींग वाले आलू जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ बुंदेलखंडी स्ननाटा छाछ, लेमन पुदिना, आम पना, सब्जा शिकंजी, गुलाब मलाई लस्सी, मावा बाटी जैसे शीतपेयों और मिष्ठान का आनंद लिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ने मोहा मन
विक्रमोत्सव में सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला प्रदर्शनों ने भारत की विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके अलावा, हस्तशिल्प मेले और कार्यशालाओं ने स्थानीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया।

आगंतुकों को मिला अविस्मरणीय अनुभव
विक्रमोत्सव ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव को भी रेखांकित किया। हजारों की संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने इस आयोजन को एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इस मंच का उपयोग कर राज्य को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • Related Posts

    भू-राजनीतिक तनाव के दौर में डॉ. पॉल का संदेश—शांति से ही विकास संभव

    लोकतंत्र, संवाद और मानवीय दृष्टिकोण को संघर्ष समाधान का आधार बताया कोलकाता: कोलकाता प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. पॉल ने वैश्विक शांति के लिए साझा प्रतिबद्धता…

    Continue reading
    डॉ. भार्गव मल्लप्पा को संगठन की अहम जिम्मेदारी; गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ पर्यटन सशक्तिकरण पर विचार-विमर्श

    धार्मिक पर्यटन सर्किट विस्तार और वैश्विक पहचान सुदृढ़ करने पर जोर नई दिल्ली: भारतीय हिंदू परिवार ने अपने विस्तार और सक्रियता को ध्यान में रखते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा को…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Buran

    The Ultimate Guide to Extreme Live Gaming Roulette Casino

    Spielbank Hannover

    Spinmama

    Tomb Riches – Das Abenteuer in Ägypten

    Jungliwin