स्वच्छता में पटना देशभर के 21 शहरों में शामिल

जीएफसी 3 स्टार एवं गंगा टाउन में 4 नंबर पर पहुंचा पटना

पटना – 17 जूलाई 2025

कभी स्वच्छता की दौड़ में पीछे माना जाने वाला शहर आज देशभर के हजारों शहरों के बीच अपनी एक स्वच्छ पहचान के साथ एक अलग छवि प्रस्तुत कर रहा है।‌ पटना नगर निगम को स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन हेतु दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मान प्राप्त हुआ।

पटना की उपलब्धियां

– पटना 10 लाख आबादी वाले 44 शहरों में 21 वें स्थान पर है।
– जीएफसी 3 स्टार से सम्मानित किया गया।
– गंगा टाउन शहरों में पटना को 4th रैंक प्राप्त हुआ।

गौरतलब है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में थीम 3 R (Reuse, Reduce and Recycle) पर कार्य किया गया है।

स्वच्छता की राह पर तेजी से बढ़ता पटना

नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि पटना ने स्वच्छता के क्षेत्र में बीते वर्षों में असाधारण प्रगति की है और यह सम्मान कर्मियों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

– बेकार पड़ी गाड़ियों का पुन: इस्तेमाल- पटना नगर निगम द्वारा 3R (Reuse, Reduce and Recycle) पर कार्य किया जा रहा है।‌ आमजनों को सुविधा देने वाले पिंक टॉयलेट, लू कैफे, निगम नीर एवं मेवहॉल एम्बुलेंस की गाड़ियां पटना नगर निगम की वेस्ट गाड़ियों से तैयार कर सफलतापूर्वक इस्तेमाल की जा रही हैं।

– स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत सिटीजन फीडबैक कैटेगरी में पटना को चौथा स्थान मिला। यह स्थान केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें शहरवासियों की जागरूकता और भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई है। नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए फीडबैक जुटाने हेतु विशेष अभियान चलाए गए।

– जनजागरूकता से बदली‌ छवि- पटना नगर निगम द्वारा मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया पोस्ट, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैलियां, और स्कूलों-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं आयोजित कर आम लोगों को इस मुहिम से जोड़ा गया। नगर निगम की टीम ने घर-घर जाकर लोगों से फीडबैक फॉर्म भरवाए, जिससे न केवल सर्वेक्षण में भागीदारी बढ़ी बल्कि स्वच्छता के प्रति नागरिकों की सक्रियता और समझ भी गहरी हुई। यह प्रयास पटना के समग्र प्रदर्शन में एक मजबूत आधार साबित हुआ।

– पटना नगर निगम द्वारा 650 स्वच्छता स्थल- पटना नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर उन्हें स्वच्छ स्थल के रूप में विकसित किया गया। इन स्थलों पर सफाई कर्मियों के साथ मिलकर पिकनिक आयोजित की गई, ताकि न केवल स्वच्छता का संदेश दिया जा सके, बल्कि कर्मियों का मनोबल भी बढ़ाया जाए।

– डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन: पटना नगर निगम ने बीते कुछ वर्षों में सफाई व्यवस्था को प्रभावी और टिकाऊ बनाने के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सूखे और गीले कचरे का पृथक्करण (वेस्ट सेगरेगेशन), कंपोस्टिंग यूनिट्स की स्थापना, और वॉशरूम मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण पहल शामिल किए हैं।

– जन जागरूकता – सड़क पर कचरा फेंकने ‘सड़क शत्रु’: इसके साथ ही शहर में ‘नो लिटरिंग जोन’, ‘स्वच्छता एप्लिकेशन’, और ‘स्वच्छ गार्डन’ जैसी योजनाएं लागू की गईं, जिसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। सड़क पर कचरा फेंकने वालों को ‘सड़क शत्रु’ के रूप में चिह्नित किया गया और उन्हें न केवल जागरूक किया गया बल्कि सार्वजनिक रूप से शहर को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई। इन सख्त लेकिन संवेदनशील प्रयासों ने स्वच्छता को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित किया।

– आधुनिक तकनीक की प्रयोग कर स्मार्ट निगरानी प्रणाली: पटना नगर निगम ने सफाई व्यवस्था और जल निकासी जैसे कार्यों की निगरानी को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए सभी 75 वार्डों में हाईटेक वॉकी-टॉकी उपकरणों का उपयोग शुरू किया है। ऐसा करने वाला पटना नगर निगम देश के गिने-चुने नगर निकायों में शामिल हो गया है, जिसने संचार और निगरानी को स्मार्ट तरीके से संगठित किया है।

– स्मार्ट इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर- बरसात के मौसम में जल निकासी व्यवस्था की निगरानी के लिए सभी संप हाउस को स्मार्ट इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर से जोड़ा गया है, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकी है।‌

पटना के लिए गर्व का क्षण

स्वच्छता का राष्ट्रीय सम्मान, हर पटनावासी का सम्मान । सब मिलकर आदतें सुधारें तो और बड़ी बनेगी पहचान: नीतू नवगीत

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना नगर निगम को मिले सम्मान से हर्षित पटना नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने सभी पटनावासियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी के लिए तथा बिहार में सबसे बेहतर स्वच्छता के लिए पटना नगर को मिला सम्मान पटना के हर व्यक्ति का सम्मान है। स्वच्छता के क्षेत्र में सभी ने मिलकर काम किया है जिससे पटना की रैंकिंग में सुधार आया है। फिर भी हमें बहुत काम करना बाकी है। हम सबको संयुक्त रूप से अपनी आदतों में सुधार लाना होगा। घर पर ही गीला कचरा और सूखा कचरा अलग-अलग करना होगा ताकि उनका आसानी से डिस्पोजल हो सके। इसी तरह इधर-उधर थूकने और मलमूत्र त्यागने की आदत बंद करनी होगी। समेकित प्रयासों से ही शहर स्वच्छ और सुंदर होगा।

सम्मान समारोह कार्यक्रम में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, माननीय महापौर श्रीमती सीता साहू, उप महापौर श्रीमती रेशमी कुमारी, सशक्त स्थाई समिति के सदस्यगण, नगर आयुक्त श्री अनिमेष कुमार पराशर, अपर नगर आयुक्त श्री आशिष कुमार, उप नगर आयुक्त श्री रामाशीष तिवारी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत एवं सफाई कर्मचारी सुलेखा एवं मानती और नगर निगम की टीम उपस्थित रही।‌

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