पुण्यतिथि अवसर पर ‘समर्पण’ का लोकार्पण, दीनदयाल के दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल

तरुण चुघ ने कहा – पूंजीवाद और साम्यवाद के बीच दीनदयाल ने दिया भारत का मौलिक वैचारिक मॉडल

नई दिल्ली: दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘समर्पण’ पुस्तक का लोकार्पण पं. मदन मोहन मालवीय स्मृति सदन, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

डॉ. महेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष, एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास संस्थान, ने कहा, “दीनदयाल जी ने राजनीति को सत्ता नहीं, सेवा की साधना माना। ‘समर्पण’ नई पीढ़ी को उनके सादगीपूर्ण और समर्पित जीवन से परिचित कराती है।”

श्री तरुण चुघ, राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, ने कहा कि जब विश्व पूंजीवाद और साम्यवाद की विचारधाराओं के बीच खड़ा था, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारत का अपना वैचारिक मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद केवल एक सैद्धांतिक दर्शन नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में उतारा गया है। ग्रामीण विकास, अंत्योदय, गरीब कल्याण, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़ी अनेक योजनाओं में उसी सोच की झलक दिखाई देती है। उन्होंने युवा लेखक के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस विषय पर और व्यापक अध्ययन की आवश्यकता है।

श्री रविंद्र माधव साठे, अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (राज्यमंत्री दर्जा), ने कहा,
“दीनदयाल जी का जीवन ‘स्व’ से ‘समष्टि’ की यात्रा है। यह पुस्तक युवाओं को सेवा और त्याग के मूल्यों से जोड़ेगी।”

श्री सी. सदानंद मास्टर, सदस्य राज्यसभा, ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “देशहित में स्वयं को समाहित करना ही सच्चा समर्पण है। राष्ट्र सांस्कृतिक चेतना से बनता है, केवल सीमाओं से नहीं।”

श्री रामाकांत पांडेय, साहित्य केंद्र प्रकाशन से जुड़े प्रकाशक, ने बताया, “लोकार्पण से पहले ही 500 से अधिक प्रतियां वितरित हो चुकी हैं। यह किसी युवा लेखक के लिए बड़ी उपलब्धि है।”

कार्यक्रम में वक्ताओं ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के योगदान का भी स्मरण किया और कहा कि शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतीय चिंतन परंपरा आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम है।

समारोह के अंत में आयोजकों ने कहा कि ‘समर्पण’ पुस्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और एकात्म मानववाद को सरल भाषा में प्रस्तुत कर नई पीढ़ी को वैचारिक रूप से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उपस्थित अतिथियों ने लेखक चंदन कुमार को शुभकामनाएं दीं और इस वैचारिक पहल को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की अपील की।

 

Related Posts

त्रिशूर में आयोजित राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर के छात्रों की भागीदारी

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रैंक होल्डर छात्रों और श्रेष्ठ चैप्टर्स को किया गया सम्मानित त्रिशूर: त्रिशूर में हुए राष्ट्रीय CAT छात्र सम्मेलन 2026 में देशभर से आए छात्रों ने उत्साह…

Continue reading
राष्ट्र सेवा में योगदान के लिए जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’ से किया गया सम्मानित

36 वर्षों से सक्रिय जनकल्याण मोर्चा ने राष्ट्र सेवा और नेतृत्व के लिए किया सम्मानित शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जंग बहादुर सिंह को ‘नेशनल प्राइड अवॉर्ड’…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Beste Paysafe Casinos 2026: Top-Casinos mit Paysafecard

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 19 views

Discover the top casino games at 1Win India: your guide to fun and winnings

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 19 views

1Win India official site: your gateway to thrilling games and unbeatable bonuses

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 20 views

Zahraničné kasína pre Slovákov: aké hry a funkcie neprehliadnuť v 2026

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 15 views

Zahraničné kasína pre Slovákov: aké hry a funkcie neprehliadnuť v 2026

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 15 views

Jugar en casinos online: estrategias para depósitos y retiros seguros

  • By admlnlx
  • October 30, 2026
  • 16 views