प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल स्पीकर्स सम्मेलन (CSPOC) का किया उद्घाटन

नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का भव्य उद्घाटन किया। यह सम्मेलन भारतीय संसद द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भागीदारी के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा CSPOC माना जा रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया के लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI और सोशल मीडिया ने संसदीय संस्थाओं की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाया है, लेकिन इनके दुरुपयोग से दुष्प्रचार, साइबर अपराध और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं।

श्री बिरला ने नैतिक AI के विकास तथा विश्वसनीय, पारदर्शी और जवाबदेह सोशल मीडिया ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विधायिकाओं को सामूहिक विवेक और साझा जिम्मेदारी से काम करना होगा। उन्होंने भारत के अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारतीय संसद और विधानसभाओं में AI व डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है, पेपरलेस संसद की दिशा में प्रगति हो रही है और पुराने कानूनों को समाप्त कर नए जनकल्याणकारी कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे भारत विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

उन्होंने विश्व भर की विधायिकाओं के समक्ष उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों की अपील की और कहा कि संसदीय संस्थाओं की गरिमा, विश्वसनीयता व प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी लोकतंत्रों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। श्री बिरला ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के वैश्विक स्तर पर दिशा, स्थिरता और प्रेरणा स्रोत बनने की सराहना की।

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, राष्ट्रमंडल देशों के 42 सदस्य देशों से 61 पीठासीन अधिकारी (45 स्पीकर और 16 डिप्टी स्पीकर), 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि, अंतर-संसदीय संघ (IPU) की अध्यक्ष, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) के चेयरपर्सन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

यह तीन दिवसीय सम्मेलन (14-16 जनवरी) संसद में AI के उपयोग, सोशल मीडिया के प्रभाव, नागरिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियों, सांसदों-कर्मचारियों की सुरक्षा-स्वास्थ्य तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में पीठासीन अधिकारियों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेगा। सम्मेलन का समापन कल लोकसभा अध्यक्ष के समापन भाषण के साथ होगा।

यह आयोजन राष्ट्रमंडल में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

Related Posts

Exploring the Boundaries of Science: Unraveling the Mysteries of the Universe

Science has always been a beacon of discovery that illuminates the unknown. From the depths of the oceans to the furthest reaches of space, it strives to answer questions about…

Continue reading
Exploring the Boundaries of Science: Unraveling the Mysteries of the Universe

Science has always been a beacon of discovery that illuminates the unknown. From the depths of the oceans to the furthest reaches of space, it strives to answer questions about…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Why choose the Pin-Up app? The benefits of fast access and trusted gameplay in

  • By admlnlx
  • September 18, 2026
  • 5 views

Exploring the Boundaries of Science: Unraveling the Mysteries of the Universe

  • By admlnlx
  • September 17, 2026
  • 16 views

Strategii de câștig la Chicken Road: bonusuri și plăți rapide în RON

  • By admlnlx
  • September 17, 2026
  • 14 views

The rise of crypto casinos: why Casino Dogecoin is a top choice for Canadian

  • By admlnlx
  • September 17, 2026
  • 22 views

Pin Up casino mobil tətbiqi: oyunların sürətli və rahat həyatı

  • By admlnlx
  • September 17, 2026
  • 16 views

Pin Up casino mobil tətbiqi: oyunların sürətli və rahat həyatı

  • By admlnlx
  • September 17, 2026
  • 14 views